सो गए हैं – So Gaye Hain (Lata Mangeshkar, Zubeidaa)

पढ़िए सो गए हैं – So Gaye Hain (Lata Mangeshkar, Zubeidaa) लिरिक्स | अधिक जानकारी गीत के बारे में:

फ़िल्म का नाम: ज़ुबैदा (2001)
गीत के संगीत कार है: ए.आर.रहमान
गीत के गीतकार है: जावेद अख्तर
इस गीत को गया है: लता मंगेशकर

सो गए हैं, खो गए हैं
दिल के अफ़साने
कोई तो आता, फिर से कभी
इनको जगाने
सो गए हैं, खो गए हैं
दिल के अफ़साने

सांस भी लेती हैं जो कठपुतलियाँ
उनकी भी थामे है कोई डोरियाँ
आँसुओं में भीगी है खामोशियाँ
सो गए हैं, खो गए हैं
दिल के अफ़साने

दिल में इक परछाई है, लहराई सी
आरज़ू मेरी है इक अंगड़ाई सी
इक तमन्ना है कहीं शरमाई सी
सो गए हैं, खो गए हैं
दिल के अफ़साने…

ज़िन्दगी है फिर नए इक मोड़ पर
चाहे अब जाए जहाँ ये रहगुज़र
मेरी मंज़िल तो है मेरा हमसफ़र
सो गए हैं, खो गए हैं
दिल के अफ़साने…



[message] Leave Your Rating:1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)

Loading...[/message]
Hope you liked the lyrics. Why not share it!


Found any mistakes in the [mark color=”yellow”]सो गए हैं – So Gaye Hain (Lata Mangeshkar, Zubeidaa)[/mark]? Please mention the mistake in comments so we can better the quality of lyrics.
You are a rockstar! Thanks.

Loading Facebook Comments ...