मैं दर्दों को पास बिठा – Main Dardon Ko Paas Bithakar (Sarabjit)

पढ़िए मैं दर्दों को पास बिठा – Main Dardon Ko Paas Bithakar (Sarabjit) लिरिक्स | अधिक जानकारी गीत के बारे में:



फ़िल्म का नाम/एल्बम: सरबजीत (2016)
गीत के संगीतकार है: जीत गांगुली
गीतकार: रश्मि विराग, जानी
गायक/गायिका: सोनू निगम


मैं दर्दों को पास बिठा कर ही सोऊं
जो तुझे लगता बारिश है, वो मैं हूं जो रोऊं
मैं दर्दों को पास बिठा कर ही सोऊं

खुशियों से मिलना भूल गए
तुम इतना क्यूं हमसे दूर गए
कोई किरण इक दिन आएगी
तुम तक हमको ले के जायेगी

मैं राह पे आंख बिछाके ही सोऊं
जो तुझे लगता बारिश है, वो मैं हूं जो रोऊं
मैं दर्दों को पास बिठा कर ही सोऊं

पंख अगर होते, उड़ के चला मैं आता
रुकता न एक पल
क़ैद ये कैसी ख़ुदा, सांस भी रूठी है
सीने में आजकल
मैं दर्दों को पास बिठा कर ही सोऊं



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