चराग़-ओ-आफ़ताब गुम – Charaag-o-Aaftaab Gum (Jagjit Singh, Ghazal)

पढ़िए चराग़-ओ-आफ़ताब गुम – Charaag-o-Aaftaab Gum (Jagjit Singh, Ghazal) लिरिक्स | अधिक जानकारी गीत के बारे में:

फ़िल्म का नाम: ख़ुमार (2000)
गीत के संगीत कार है: जगजीत सिंह
गीत के गीतकार है: सुदर्शन फ़ाकिर
इस गीत को गया है: जगजीत सिंह

चराग़-ओ-आफ़ताब ग़ुम
बड़ी हसीन रात थी
शबाब की नक़ाब गुम
बड़ी हसीन रात थी

मुझे पिला रहे थे वो
के ख़ुद ही शम्माँ बुझ गई
गिलास ग़ुम, शराब ग़ुम
बड़ी हसीन रात थी…

लिखा था जिस किताब में
के इश्क़ तो हराम है
हुई वही किताब ग़ुम
बड़ी हसीन रात थी…

लबों से लब जो मिल गए
लबों से लब ही सिल गए
सवाल ग़ुम. जवाब ग़ुम
बड़ी हसींन रीत थी…



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