एक मुलाक़ात हो – Ek Mulaqat Ho (Jubin Nautiyal, Sonali Cable)

पढ़िए एक मुलाक़ात हो – Ek Mulaqat Ho (Jubin Nautiyal, Sonali Cable) लिरिक्स | अधिक जानकारी गीत के बारे में:

फ़िल्म का नाम: सोनाली केबल (2014)
गीत के संगीत कार है: अमजद-नदीम
गीत के गीतकार है: समीर
इस गीत को गया है: जुबिन नौटियाल

एक मुलाकात हो, तू मेरे पास हो
जीने की वजह तुम बनो, तुम बनो
बन के तू रहबर, मुझको मिला है
तू मिल गया, मैं मुकम्मल हुआ
एक मुलाकात ज़रूरी, है ज़रूरी, जीने के लिए
हाँ मुलाक़ात ज़रूरी…

तेरे बिन लम्हां खाली सा लगता है
चेहरा तेरा अपना सा लगता है
तू मिल जाए मिल जाए ये जहां
सजदों में खुदा से माँगा है जाने-जां
बन के तू रहबर…

मैं तुझे चूम लूँ, चाहत सी होती है
पास तू जो रहे, राहत सी होती है
चल प्यार की नई शुरुआत हो
कुछ ना कहें पर सारी बात हो
बन के तू रहबर…

हर पल दिल में अधूरापन सा है
भटके तन्हाँ बंजारा जीवन है
मैं हूँ क्या बस, एक आधा आसमां
ना रख पाऊँ, फासला दर्मियाँ
बन के तू रहबर…



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